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एयरपोर्ट के लिए जगह की तलाश…:महाकाल लोक बनने से श्रद्धालु बढ़े, लेकोड़ा या इंगोरिया में बने अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट
अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के लिए देवास जिले के चापड़ा में सर्वे हो चुका है। दो और विकल्प के रूप में इंदौर के पास बनेड़िया और धार के दिग्ठान में भी सर्वे किया जा रहा है। इस बीच उज्जैन-आलोट सांसद अनिल फिरोजिया ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन एवं विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात कर उज्जैन में इसे बनाने पर सुझाव दिया है।
सांसद ने इस संबंध में दो साइट की रिपोर्ट भी सौंपी है, जिसमें जमीन की उपलब्धता से लेकर अन्य खूबियां भी बताई है। सांसद ने बताया कि मंत्री सिंधिया ने उन्हें आश्वासन दिया है कि दोनों साइट का सर्वे भी किया जाएगा। इसके बाद ही अंतिम फैसला होगा कि यह एयरपोर्ट कहां बनाया जाए।
महाकाल लोक बनने के बाद शहर में बाहर से आने वाले पर्यटकों की संख्या में कई गुना इजाफा हुआ है। इससे यहां लोगों की पहुंच बढ़ाने के लिए नए विकल्पों की तलाश शुरू हो गई है। इंदौर से उज्जैन की कनेक्टिविटी बढ़ गई है। वहीं अब उज्जैन को हवाई मार्ग से भी जोड़ने के प्रयास शुरू हो गए हैं।
दो लोकेशन…जिनमें से किया जा सकता है चुनाव
लोकेशन एक– ग्राम लेकोड़ा के समीप, जिसकी भाेपाल से दूरी 175 किमी एवं यात्रा समय 130 मिनट। इंदौर से दूरी 25 किमी एवं यात्रा का समय 20 मिनट है। जिसका कुल क्षेत्रफल 2000 हेक्टेयेर है, जिसमें निजी भूमि 1900 हेक्टेयर एवं शासकीय भूमि 100 हेक्टेयेर है।
कुल सेटलमेंट क्षेत्र 5 हेक्टेयर, जिसमें सेटलमेंट क्षेत्र की अनुमानित मुआवजा राशि 25 करोड़ रुपए तथा भूमि अधिग्रहण की कुल राशि 689 करोड़ रुपए प्रस्तावित है। यह स्थल रेलवे ट्रैक से 2 किमी की दूरी पर है एवं महाकाल लोक से 20 किमी दूर। यहां तालाब, हाइटेंशन लाइन व पहाड़ी क्षेत्र तीनों ही इस साइट के आसपास नहीं है।
लोकेशन दो– बड़नगर से इंगोरिया के बीच जमीन। जिसका क्षेत्रफल 2000 हेक्टेयर है, जिसकी अधिग्रहण राशि 700 करोड़ है। उक्त स्थल इंदौर एवं उज्जैन के नजदीक है तथा देवास बड़नगर हाईवे पर स्थित है। आवागमन की दृष्टि से महाकाल लोक से 25 किमी की दूरी पर है। अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के मानकों के अनुसार तालाब, हाईटेंशन और पहाड़ी क्षेत्र तीनों ही नहीं है।
अधिग्रहण राशि भी कम, इसलिए यहां फायदेमंद
सांसद ने उज्जैन में एयरपोर्ट बनाने के फायदे भी गिनवाए हैं। उन्होंने बताया कि इंदौर जिले के बनेड़िया की अधिग्रहण राशि 1000 करोड़ रुपए एवं दिग्ठान के लिए 1800 करोड़ रुपए प्रस्तावित की गई है। जबकि उज्जैन में भूमि अधिग्रहण की राशि दोनों जगह से बहुत कम है। उज्जैन में दोनों लोकेशन पर जमीन अधिग्रहण का खर्च लगभग 700 करोड़ रुपए प्रस्तावित है।
इसलिए उज्जैन के दोनों विकल्प बेहतर
सांसद फिरोजिया ने बताया नागरिक उड्डयन विभाग को शासन द्वारा इंदौर जिले में स्थित हवाई अड्डे से 30 किमी सीमा में देपालपुर के पास बनेड़िया और पीथमपुर के पास दिग्ठान का सर्वे के लिए चयन किया है। इसमें साइट एक के पास तालाब होने के कारण पक्षियों की संख्या अधिक है। वहां विमानों के उड़ान में बाधा हो सकती है।
साइट दो दिग्ठान का क्षेत्र पथरीला, रेलवे ट्रैक की निकटता और अधिग्रहण राशि अधिक होने से कारण उज्जैन की दोनों साइट उपलब्धता के हिसाब से बेहतर है। दोनों साइट मालवा के केंद्र में होने से पूरे क्षेत्र का विकास संभव हो सकेगा। साथ ही महानगर इंदौर और धार्मिक नगरी उज्जैन के लिए उचित होगा।